यात्रा सिर्फ वो नहीं जो सुदूर देशों का दर्शन कराये । यात्रा वो है जिसमें आप स्वयं से मिलें, अपने मैं की जड़ तक पहुँचें उसे मर्दित कर आगे बढ़ें और दुनिया को एक नई दिशा दे पायें। तो चलें अनन्तयात्रा पर..
रविवार, 26 नवंबर 2017
शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
सोमवार, 13 नवंबर 2017
सुरखाब
सुरखाब
शहर के आला अफसरान
के पास थी
एक लिस्ट शहर के
हरफनमौलाओं की
धुरंधर विद्वानों की
ध्रुव से तारों की
बांटे गए
आनन-फानन में पुरस्कार
काले तीतर नवाजे गए
सम्माननीय पदकों से
चील /कौवे /बया /गिद्ध /तोते
सारस और मोर
सभी अपने कार्य को
बखूबी निभाते हुए
ढूंढ रहे थे वह सींग
जो तीतरों के सिर पर
देखें अफसरान ने
सुरखाब के परों का तो
जिक्र भी नदारद था!!!!!
प्रीति राघव चौहान
शहर के आला अफसरान
के पास थी
एक लिस्ट शहर के
हरफनमौलाओं की
धुरंधर विद्वानों की
ध्रुव से तारों की
बांटे गए
आनन-फानन में पुरस्कार
काले तीतर नवाजे गए
सम्माननीय पदकों से
चील /कौवे /बया /गिद्ध /तोते
सारस और मोर
सभी अपने कार्य को
बखूबी निभाते हुए
ढूंढ रहे थे वह सींग
जो तीतरों के सिर पर
देखें अफसरान ने
सुरखाब के परों का तो
जिक्र भी नदारद था!!!!!
प्रीति राघव चौहान
रविवार, 5 नवंबर 2017
शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017
मौन
मौन
तोते टिटियाते नहीं
आलसी पग भी
दिन भर पड़ा रहता है
अपने छोटे टोकरे में
बेजुबान नाचती हैं
इधर से उधर
घर में सभी प्राणी
जैसे बुद्ध के सानिध्य से उठ
चले आयें हों
खामोशियाँ खिलखिलाती नहीं
अब तारक मेहता का कोई
चश्मा लुभाता नहीं
स्प्राइट से सौ गुणा ज्यादा
कूल हो चुके हैं हम
कभी कभार घर का कोई
सदस्य फरमाईश के पत्थर
फेंकता है घर की शांत झील में
बुद्धू बक्से और छ:इंच की स्क्रीन के
आगे पैर पसारे सभी
रहते हैं नत मस्तक, मौन !
प्रीति राघव चौहान
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